प्रेमचंद द्वारा रचित हीरा और मोती की मित्रता, संघर्ष और आज़ादी की कहानी
'दो बैलों की कथा' मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है। इस कहानी के माध्यम से लेखक ने कृषक समाज और पशुओं के भावनात्मक संबंध का वर्णन किया है। यह कहानी हमें बताती है कि स्वतंत्रता (आज़ादी) आसानी से नहीं मिलती, इसके लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ता है।
यह कहानी केवल दो जानवरों की नहीं है, बल्कि यह परतंत्र भारत के उस समय की है जब भारतीय अपनी आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहे थे। हीरा और मोती, भारतीयों के प्रतीक हैं जो अपनी स्वतंत्रता के लिए हर मुसीबत का सामना करते हैं।
झूरी ने दोनों बैलों को अपने साले 'गया' के पास भेज दिया। बैलों को
लगा कि मालिक ने उन्हें बेच दिया है। गया ने उनके साथ बहुत बुरा
व्यवहार किया:
• उन्हें सूखा भूसा दिया।
• हल में जोतते समय मारा-पीटा।
• उन्हें घर से भागने पर मजबूर किया।
गया के घर में एक छोटी बच्ची थी जिसकी माँ मर चुकी थी। सौतेली माँ उसे मारती थी। वह बैलों के दुख को समझती थी और चुपके से उन्हें दो रोटियाँ खिला जाती थी। इसी आत्मीयता के कारण बैल वहां कष्ट सहकर भी रुके रहे।
कांजीहौस (Pound) वह स्थान है जहाँ लावारिस पशुओं को कैद करके रखा जाता है। हीरा और मोती जब मटर के खेत में पकड़े गए, तो उन्हें यहाँ बंद कर दिया गया।
| विशेषता | हीरा (Hira) | मोती (Moti) |
|---|---|---|
| स्वभाव | सहनशील और शांत | उग्र और गरम मिज़ाज |
| सोच | नियम और धर्म का पालन करने वाला | अन्याय के खिलाफ तुरंत लड़ने वाला |
| विपत्ति में | धैर्य रखता था | जल्दी आवेश में आ जाता था |
| मित्रता | मोती को गलत काम से रोकता था | हीरा के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी |
1. एकता में शक्ति: हीरा और मोती ने मिलकर सांड को
हराया और कांजीहौस की दीवार तोड़ी।
2. आज़ादी का मूल्य: स्वतंत्रता सहज नहीं मिलती,
उसके लिए निरंतर संघर्ष करना पड़ता है।
3. नारी सम्मान: हीरा कहता है - "औरत जात पर सींग
चलाना मना है।" यह प्रेमचंद के नारी के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
• जी-जान से काम करना: पूरी ताकत लगाना
• ईंट का जवाब पत्थर से देना: कड़ा मुकाबला करना
• दाँतों पसीना आना: बहुत कठिन परिश्रम करना
• नौ-दो ग्यारह होना: भाग जाना
• टकटकी लगाए देखना: निरंतर देखना
प्रश्न: कांजीहौस में कैद पशुओं की हाज़िरी क्यों
ली जाती होगी?
उत्तर: कांजीहौस में पशुओं की हाज़िरी इसलिए ली
जाती होगी ताकि पता चल सके कि:
1. कोई जानवर भाग तो नहीं गया।
2. किसी जानवर की मृत्यु तो नहीं हो गई।
3. जानवरों की संख्या का सही रिकॉर्ड रखा जा सके।
प्रश्न: 'गधा' किसे कहा जाता है और क्यों?
उत्तर: 'गधा' उस व्यक्ति को कहा जाता है जो अत्यंत
सीधा और सहनशील होता है। गधा कभी क्रोध नहीं करता, सुख-दुख में समान
रहता है। लेखक ने गधे को ऋषि-मुनियों के स्वभाव वाला बताया है।
प्रश्न: गया के घर हीरा और मोती ने अपमानित क्यों
महसूस किया?
उत्तर: क्योंकि गया ने उन्हें सूखा भूसा खाने को
दिया जबकि अपने बैलों को खली-चुनी दी। उसने उनसे काम तो बहुत लिया पर
प्यार और सम्मान नहीं दिया, जिससे वे अपमानित महसूस करने लगे।
अंत में, दोनों बैल कसाई (दढ़ियल) के हाथ बिकने के बाद भी हार नहीं मानते और भागकर वापस झूरी के पास आ जाते हैं। यह कहानी हमें सिखाती है कि अपने घर और अपनी आज़ादी से बढ़कर कुछ नहीं होता।